मोटापा कम करने के घरेलू नुख्से

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आजकल ज्यादातर लोग बेली फैट की समस्या से सबसे ज्यादा परेशान हैं। हम सभी खुद को फिट और एक्टिव रखने के लिए एक्सरसाइज करते हैं। लेकिन शरीर के अलग-अलग हिस्सों को टोन रखने के लिए अलग-अलग एक्सरसाइज की जरूरत होती है।  बेली फैट वास्तव में पेट के आसपास जमा फैट है जिसकी वजह से पेट बाहर निकलने लगता है। इससे छुटकारा पाना वाकई काफी मुश्किल काम है। यह समस्या सिर्फ अधिक वजन वालों में ही नहीं है बल्कि सामान्य वजन वाले लोगों का भी कई कारणों से पेट निकलने ल

गता है। उम्र बढ़ना और प्रेगनेंसी भी इसका एक कारण हो सकता है।  ज्यादा खाने और खराब लाइफस्टाइल की वजह से भी

 

यह समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसके बावजूद बेली फैट को कम किया जा सकता है। हालांकि अगर आपका पेट थोड़ा ही निकला है तो इससे ज्यादा परेशानी नहीं है लेकिन इसकी वजह से आपका कॉन्फिडेंस जरूर कम हो सकता है और अपनी तोंद को छुपाने के लिए आपको सोच-समझकर कपड़े पहनने पड़ते हैं। लेकिन अगर आपका पेट ज्यादा निकला है तो आपको डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और गॉल ब्लैडर की समस्या हो सकती है। इसलिए बेली फैट को कम करना बहुत जरूरी है। अगर आप इस समस्या से पीड़ित हैं तो आपको इससे छुटकारा पाने के लिए पूरा प्रयास करना चाहिए। लेकिन बेली फैट से पूरी तरह से कम नहीं होता है। आइए जाने कैसे-—                              उम्र : जैसे जैसे हमारी उम्र बढ़ती जाती है हमारे हार्मोन्स की एक्टिविटी में भी बदलाव आने लगता है जिससे बेली फैट को कम करने की संभावना भी कम होने लग

 

ती है।                प्रेगनेंसी– प्रेगनेंसी के दौरान पेट के आसपास की स्किन फैल जाती है। हालांकि डिलीवरी के बाद वह स्किन फिर से अपने शेप में आ जाती है लेकिन पेट के पास की जो स्किन ढीली हो जाती है उसकी वजह से फैट जमने की संभावना बढ़ जाती है और इसे बेली फैट कम करना मुश्किल हो जाता है।              मस

 

ल्स मेमोरी: रोजाना एक ही तरह का वर्क आउट करने से उसका उतना बेहतर परिणाम नहीं मिलता है। अपनी रुटीन में रोजाना अलग-अलग एक्सरसाइज शामिल करने से फैट कम करने में मदद मिलता है। बेली फैट को कम करने के लिए आपको अपने डाइट का भी ख्याल रखना पड़ता है। उचित खाना खाने से पेट के पास जमा फैट कम हो सकता है। यहां हम कुछ ऐसे तरीके बता रहे हैं जिससे आप अपना बेली फैट कम कर सकते हैं हमें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आयुर्वेद वरदान के रूप में मिला है और आयुर्वेद में बेली फैट को कम करने के लिए कई उपाय मौजूद हैं। दालचीनी बेली फैट को कम करने में काफी मदद करता है। इसमें पॉलीफिनोल नामक एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है जो हमारे शरीर में इन्सुलिन के सेंसिटिविटी को बेहतर करता है। इसका मतलब यह है कि यह हमारे शरीर के ब्लड शुगर लेवल को कम करता है ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने का मतलब यह है कि हमारे शरीर में अतिरिक्त ग्लूकोज की मात्रा नहीं होती जो तुरंत फैट में नहीं बदल पाता है और इसकी वजह से शरीर में फैट जमना आसान नहीं होता है।

बेली फैट को कम करने के लिए दालचीनी को अपनी

 

 डाइट में शामिल करने के बेहतर तरीके-

ओट मील : ज्यादातर भारतीय खानों में दालचीनी का उपयोग किया जाता है और यह लगभग हर घर में रखा जाता है। अपनी डाइट में दालचीनी शामिल करने का सबसे बेहतर तरीका यह है कि सुबह जब आप ओटमील खाते हैं तो इसमें दालचीनी पाउडर छिड़क कर खाएं।

दालचीनी, शहद और नींबू पानी : इस रूटीन को अपनाकर आप जल्दी ही बेली फैट कम कर सकते हैं। गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद, नींबू का रस और एक चम्मच दालचीनी पावडर मिलाकर पीएं। रोजाना सुबह इसे पीने से जल्दी ही फर्क दिखने लगता है। इसे पीने से शरीर को और भी कई फायदे होते हैं।

प्रोटीन शेक : प्रोटीन शेक में एक चम्मच दालचीनी पावडर मिलाकर रोजाना पीने से बेली फैट कम होता है।

चाय, कॉफी या जूस में मिलाकर : चाय, कॉफी या ताजे

 

जूस में रोजाना दालचीनी मिलाकर पीएं। इससे आपके पेय पदार्थ का स्वाद ही नहीं बढ़ेगा बल्कि आपका बेली फैट भी तेजी से कम होगा।

दालचीनी की गोलियां : अगर दालचीनी का टेस्ट आ

पको पसंद नहीं है तो आप दालचीनी की गोलियां भी ले सकते हैं। दालचीनी कैप्सूल आसानी से उपलब्ध हो जाता है। एक्सरसाइज के साथ इसे अपने रूटीन में शामिल करें। इससे आपका बेली फैट नहीं बढ़ेगा।

मसलों में : हम दालचीनी को गरम मसालों में भी खूब प्रयोग कर सकते हैं सामान्यतया हर एक प्रकार के गरम मशालों में दालचीनी का प्रयोग होता है

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